जय श्री राम, दोस्तों आप सबका Osho Quotes In Hindi के लेख पर स्वागत है।
ओशो का असली नाम रजनीश है, ओशो एक महान आध्यात्मिक गुरु और लेखक थे। इनका जन्म 11 दिसंबर 1931 को मध्य प्रदेश के कुचवाड़ा गांव में हुआ था। बचपन में शिक्षा लेने के बाद उन्होंने कुछ सालो तक वकालत करी। उन्होंने आगे जाकर पूरी दुनिया को ध्यान और प्रेम के महत्व को सिखाया। ये बात सच है की, उनकी सोच समाज के हिसाब से बिलकुल ही उल्टी थी पर उनके जाने के बाद अब लोगो को उनकी सोच समझ में आ रही है। इसी बात को ध्यान में रखते हुवे हम भी Osho Quotes का लेख ले कर आये है जिसमे हमे उनके विचारो के बारे में बात करी है और कुछ बेहतरीन कोट्स लेकर आये है जो, ओशो के विचारो को ज़िंदा रखेगी।
ओशो कौन थे? संक्षिप्त परिचय
ओशो का मूल नाम चन्द्र मोहन जैन था। जिनको आचार्य ओशो रजनीश के नाम से भी जाना जाता है ओशो जी 20वीं सदी के सबसे शक्तिशाली आध्यात्मिक गुरुओं में से एक रहे। ओशो जी के जीवन काल को एक विवादास्पद रहस्यदर्शी, गुरु और आध्यात्मिक शिक्षक के रूप में देखा गया। धार्मिक के लिए उनकी आलोचना बहुत ही अलग थी जिसके कारण वो बहुत ही जल्द विवादित हो गए। ओशो जी की शिक्षाएं किसी एक धर्म पर निर्भर नहीं थी बल्कि अनुभव, जागरूकता और स्वतंत्र सोच पर पर निर्भर थी उनके विचारों ने लाखों को प्रेरित किया था और अभी भी किया है।
Table of Contents
जीवन पर ओशो के अनमोल विचार
ओशो जी के विचार जीवन को लेकर बहुत सीधे थे उनका कहना था की जीवनी शिक्षाओं की पूंजी है हमे जीवन को ऐसे ही बर्बाद नहीं करना चाहिए। जीवन सब लिए बहुत अनमोल होता है । उनका मानना था की जीवन समस्या नहीं बल्कि उत्सव होता है जिसको हमे हमेसा खुशियों के साथ जीना चाहिए।ओशो जी के विचार हमे जीवन के वर्तमान में जीना सिखाते है उनका कहना था
ज्यादा देने वाला थक जाता है,
और कम देने वाला रिश्ते खो देता है।
— ओशो
आज भी दुनिया सवाल करती है
सीधे और सच्चे इंसान से,
क्योंकि चालाक लोग
अक्सर सही माने जाते हैं।
— ओशो
जाति, धर्म, नौकरी, पद, प्रतिष्ठा
सब सत्य, चेतना, बुद्धत्व तक
ले जाने वाले साधन नहीं हैं।
सच्चा धर्म केवल प्रेम है।
— ओशो
बिना कुछ कहे अगर आप
फिर भी समझे जा सकते हैं,
तो समझिए आप
सही इंसान के सामने हैं।
— ओशो
जिस दिन तुम
खुद को जान लोगे,
उसी दिन
डर समाप्त हो जाएगा।
— ओशो
Download Imageमुझे ना सब कुछ दिखाना है
और ना सब कुछ छिपाना है,
मुझे बस जैसा हूँ
वैसा ही रहना है।
— ओशो
न मोहम्मद मुसलमान है,
न कृष्ण हिन्दू है,
न बुद्ध बौद्ध है,
जो जिसको समझ सके
उसी का होना चाहिए।
— Osho
“परवाह नहीं मुझे,
ज़माने की बातों का,
मुझे अपने आप से
बेहतर कोई नहीं जानता।”
— ओशो
प्रेम पर ओशो के विचार
प्रेम को लेकर ओशो जी के बहुत ही स्पष्ट विचार थे की प्रेम किसी का गुलाम नहीं है प्रेम एक स्वतंत्रता है आप किसी से भी प्रेम करो तो स्वतंत्रता के साथ करो उनमे कोई बंदिशें न रखो। प्रेम बंधन मुक्त होना चाहिए और जो व्यक्ति जैसा है उनको वैसा ही अपनाना चाहिए।
प्रेम किसी को पाना नहीं है,
प्रेम खुद को खोने की हिम्मत है।
जहाँ “मैं” कम होता है,
वहीं प्रेम जन्म लेता है।
— ओशो
प्रेम बंधन नहीं माँगता,
वह तो केवल साथ चाहता है।
जिस दिन प्रेम अधिकार बन जाए,
उस दिन उसका अंत शुरू हो जाता है।
— ओशो
जिसे सच में प्रेम आता है,
वह बदलने की कोशिश नहीं करता।
वह सामने वाले को
वैसा ही स्वीकार कर लेता है,
जैसा वह है।
— ओशो
प्रेम शब्दों से नहीं,
मौन से पहचाना जाता है।
जहाँ बहुत बोलना पड़े,
वहाँ प्रेम नहीं,
ज़रूरत होती है।
— ओशो
प्रेम किसी और को पूरा करने का
सौदा नहीं है,
प्रेम तो दो पूरे लोगों का
मिलन है।
अधूरे लोग केवल
उम्मीदें बोझ की तरह रखते हैं।
— ओशो
ध्यान और जागरूकता पर ओशो कोट्स
ध्यान और जागरूकता पर ओशो कोट्स पर कहना है हमें अपने में ध्यान और जागरूकता को बनाये रखना चाहिए ध्यान का अर्थ है – आपके वर्तमान जीवन में क्या हो रहा है उस पर ध्यान रखें उनके अनुसार ध्यान जागरूक होकर जीना सिखाती है।
ध्यान कुछ पाने की कोशिश नहीं है,
ध्यान तो बस इतना है
कि जो चल रहा है,
उसे बिना रोके देख लिया जाए।
— ओशो
जागरूकता तब शुरू होती है
जब इंसान खुद को
भागते हुए पकड़ लेता है।
रुक जाना ही ध्यान है।
— ओशो
जहाँ विचारों की भीड़ कम होने लगती है,
वहीं ध्यान की पहली झलक मिलती है।
खामोशी खालीपन नहीं,
वह भीतर की जागरूकता है।
— ओशो
Download Imageध्यान का मतलब संसार छोड़ना नहीं,
ध्यान का अर्थ है
संसार में रहते हुए
खुद से जुड़ जाना।
— ओशो
जब तुम पूरी तरह उपस्थित होते हो,
तो मन भविष्य या अतीत में
भटक नहीं पाता।
यही जागरूकता है,
यही ध्यान।
— ओशो
सफलता और असफलता पर ओशो के विचार
ओशो जी के द्वारा सफलता और असफलता समाज और आप खुद तय करते है जीवन की असफलता समाज तय करते है और सफलता आप स्वयं खुद से तय करते है ओशो जी के द्वारा यदि आप खुद को अच्छे से जान लेते है तो एक सफल व्यक्ति कहलाते है असफलता जीवन का अंत नहीं होती बल्कि सब के जीवन की शुरुआत होती है।
सफलता बाहर से मिलने वाली चीज़ नहीं है,
वह भीतर की शांति का परिणाम होती है।
और जो भीतर हार गया,
वह बाहर जीतकर भी खाली रहता है।
— ओशो
असफलता अंत नहीं है,
वह अहंकार को तोड़ने का
सबसे सुंदर अवसर है।
जो इससे सीख लेता है,
वही सच में आगे बढ़ता है।
— ओशो
दूसरों से आगे निकल जाना सफलता नहीं,
खुद से आगे निकल जाना ही
सच्ची उपलब्धि है।
— ओशो
जिस दिन सफलता तुम्हें
घमंडी बना दे,
समझ लेना तुम हार चुके हो।
और जिस दिन असफलता
तुम्हें जागरूक बना दे,
समझ लेना तुम जीत गए।
— ओशो
सफल और असफल दोनों
समय के खेल हैं,
लेकिन जो सीख समय से
ऊपर उठ जाता है,
वही मुक्त हो जाता है।
— ओशो
धर्म और ईश्वर पर ओशो के विचार
ओशो जी का जीवन सिर्फ धर्म और ईश्वर पर ही नहीं निर्भर होता बल्कि खुद के जीवन की व्यक्तिगत यात्रा है व्यक्ति अपने अंदर की स्वतंत्रता को खोजता है न की भरी शक्ति को पूजता है हमें अपने जीवन को जागरूकता और आनंद से जीने चाहिए न की नियमो के पालन कर के।
ईश्वर को बाहर खोजने वाला
हमेशा भटकता रहता है,
और जो भीतर झाँक लेता है,
उसे खोज की ज़रूरत ही नहीं रहती।
— ओशो
धर्म पूजा-पाठ का नाम नहीं है,
धर्म तो जीवन को
पूरी जागरूकता के साथ
जी लेने की कला है।
— ओशो
जहाँ डर है,
वहाँ ईश्वर नहीं हो सकता।
और जहाँ प्रेम है,
वहीं ईश्वर स्वतः प्रकट हो जाता है।
— ओशो
Download Imageमंदिर, मस्जिद और गिरजाघर
सिर्फ रास्ते दिखा सकते हैं,
मंज़िल तो
इंसान को खुद ही तय करनी होती है।
— ओशो
सच्चा धर्म
तुम्हें दूसरों से अलग नहीं करता,
वह तुम्हें
पूरे अस्तित्व से जोड़ देता है।
— ओशो
शिक्षा और बुद्धिमत्ता पर ओशो कोट्स
शिक्षा जीवन जीने की कला है शिक्षा निश्चित रूप से एक स्वतंत्रता की नींव है जो आपको स्वतंत्र रहना सिखाती है शिक्षा हमे वह पंख देते है जो हमे उचाई तक उड़ने की ताकत देते हैं। शिक्षा आपको बुद्धि देता है जानकारी बोझ बन सकती है, लेकिन बुद्धिमत्ता मुक्ति देती है।
शिक्षा का अर्थ जानकारी जमा करना नहीं,
शिक्षा का अर्थ है
सोचने की आज़ादी सीख लेना।
— ओशो
बुद्धिमत्ता वही है
जो सवाल करने से नहीं डरती।
जो केवल उत्तर याद कर ले,
वह विद्वान हो सकता है,
बुद्धिमान नहीं।
— ओशो
किताबें रास्ता दिखा सकती हैं,
लेकिन चलना इंसान को
खुद ही पड़ता है।
यही बुद्धिमत्ता की शुरुआत है।
— ओशो
सच्ची शिक्षा
तुम्हें किसी और जैसा नहीं बनाती,
वह तुम्हें
तुम्हारा असली स्वरूप देती है।
— ओशो
जिस दिन तुम सीखने को
खत्म मान लेते हो,
उसी दिन बुद्धिमत्ता
भी मरने लगती है।
— ओशो
स्वतंत्रता और साहस पर ओशो के विचार
स्वतंत्रता को लेकर ओशो जी के बहुत नेक विचार थे उनके अनुसार स्वतंत्रता ही जीवन का आधार है स्वतंत्रता और आपका साहस आपके जीवन के मोल को ऊपर उठाता है आपकी स्वतंत्रता जोखिम भरी हो सकती है लेकिन गुलामी से बहुत बेहतर होती है।
सुख, दुःख और आनंद पर ओशो के कोट्स
ओशो जी के अनुसार दुःख जीवन के कुछ पल के लिए होता है लेकिन सुख अपने जीवन का आनंद होता है जीवन की सुख और दुःख दोनों ही परिस्थितिया हमे जीवन का आनंद लेना सिखाती है दुःख अस्थायी है और सुख स्थायी है।
प्रेरणादायक ओशो कोट्स (100 Inspiring Osho Quotes)
जीवन नदी की तरह है — बहते रहो, ठहरना मतलब रुक जाना नहीं, मिट जाना है।
असली ज़िंदगी वो है जो तुम्हारे अंदर से जन्म ले, न कि जो समाज ने तुम पर थोपा है।
ज़िंदगी को इतना गंभीर मत बना लो, क्योंकि अंत में हम सब इससे मुस्कुराते हुए ही विदा लेते हैं।
जहाँ अपेक्षा खत्म होती है, वहीं सच्चा प्रेम शुरू होता है।
प्रेम करना सीखो, लेकिन मालिक मत बनो — सच्चा प्रेम आज़ादी देता है, कैद नहीं करता।
प्यार वो फूल है जो सिर्फ आज़ाद दिलों में खिलता है।
ध्यान कोई बोझ नहीं, ये तो आत्मा का उत्सव है — एक सुकून, एक उत्सव।
जब भीतर सब शांत होता है, तभी आत्मा की आवाज़ सुनाई देती है।
ध्यान वो दर्पण है, जिसमें तुम खुद को पहली बार असल रूप में देख पाते हो।
सच को किताबों में मत ढूंढो — उसे अपने अनुभव से जानो।
स्वतंत्रता सबसे पवित्र चीज़ है, उसे खो देना आत्मा को खो देने जैसा है।
Download Imageसही मायनों में जीवन जीने के लिए डर को छोड़ना जरूरी है।
भीड़ की आवाज़ को बंद करो, और अपने भीतर की आवाज़ को सुनो।
सच्चा सुख बाहर नहीं, तुम्हारे भीतर बसता है — बस उसे महसूस करना सीखो।
जिस दिन तुम खुद को स्वीकार कर लेते हो, दुख खुद ही दूर चला जाता है।
वो ज्ञानी नहीं जो सब कुछ पढ़े, बल्कि वो जो खुद को पढ़ ले।
सब कुछ जानने का दावा करना ही सबसे बड़ी मूर्खता है।
असली ज्ञान तुम्हारे भीतर से फूटता है — बाहर से नहीं आता।
🌸 “खूबसूरत और महान चीज़ें समय लेती हैं – जल्दी मत करो, सब अपने समय पर खिलता है।”
💖 “तुम अधूरे नहीं हो – तुम्हारे भीतर ही सम्पूर्णता है। किसी और की ज़रूरत नहीं खुद को पूरा महसूस करने के लिए।”
🎈 “जिस दिन तुमने उम्मीदें छोड़ दीं, उसी दिन तुमने जीना सीख लिया।”
आध्यात्मिकता है अपने अस्तित्व की गहराई को महसूस करना।
आध्यात्मिकता का मतलब है जीवन को उसकी संपूर्णता में स्वीकार करना।
सत्य को महसूस करना ही सबसे बड़ा आध्यात्मिक अनुभव है।
मृत्यु अंत नहीं, जीवन का सबसे गहरा रहस्य है — एक नई शुरुआत।
जिसने जीवन को खुलकर जी लिया, उसने मृत्यु को भी प्रेम से अपना लिया।
जो अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहता है, वही सफल होता है।
समाज तुम्हें ढालना चाहता है — उठो और अपने असली स्वरूप को पहचानो।
सफल वही होता है जो असफलताओं से सीखता है।
हर छोटी जीत आपको बड़ी सफलता की ओर ले जाती है।
🕰️ “सबसे गहरे रहस्य केवल उन्हीं के सामने खुलते हैं जो धैर्य की सीमा को जानते हैं।”
🌞 “अगर तुम दुःखी हो, तो वो भी तुम्हारी वजह से है। अगर खुश हो, तो वो भी तुम्हारी वजह से। तुम ही अपने सुख-दुख की जड़ हो – तुम्हीं स्वर्ग हो, तुम्हीं नर्क।”
🌊 “मत ढूंढो, मत मांगो, मत खटखटाओ – बस शांत हो जाओ। जब तुम शांत होते हो, सब कुछ खुद-ब-खुद आ जाता है।”
🌍 “भीड़ का हिस्सा मत बनो – न किसी देश का, न धर्म का, न जाति का। तुम पूरे अस्तित्व का हिस्सा हो – खुद को छोटा मत करो, जब सारा ब्रह्मांड तुम्हारा हो सकता है।”
😄 “हँसी सब कुछ काट सकती है – डर को, दुख को, और उन बेड़ियों को भी जो सदियों से इंसान को कैद में रखे हुए हैं।”
💔 “हर कोई लेना चाहता है, कोई देना नहीं चाहता। और जब सब सिर्फ लेने में लग जाते हैं, तो कोई कुछ पा नहीं पाता – सिर्फ खालीपन और बेचैनी रह जाती है।”
🪷 “जब मन में विचार होते हैं, तब वो झील लहरों से भर जाती है। और जब मन शांत होता है, तब झील भी शांत हो जाती है – जैसे आईना।”
🕯️ “सच कोई बाहरी चीज़ नहीं है जिसे खोजना है – वो तुम्हारे भीतर है, बस उसे महसूस करना है।”
❄️ “अगर तुम बहुत गंभीर हो, तो जीवन का प्रवाह रुक जाता है। तुम भीतर से जम जाते हो – जैसे पत्थर।”
🌿 “सरलता का मतलब है – जैसे हो, वैसे ही खुद को पूरी स्वीकृति के साथ जीना, बिना किसी आदर्श, बिना किसी लक्ष्य के।”
Download Image🌼 “अगर किसी फूल से प्रेम है, तो उसे तोड़ो मत। क्योंकि तोड़ते ही वो मर जाएगा और वो नहीं रहेगा जिससे तुम प्रेम करते हो। प्रेम है तो उसे रहने दो, जैसे वो है।”
ओशो के मुख्य विचार
1. ध्यान और आत्मज्ञान
ओशो का कहना था कि हर किसी के लिए ध्यान बहुत ज़रूरी है और ध्यान के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान की प्राप्ति कर सकता है। ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है।
ध्यान एकमात्र तरीका है जिससे आप अपने भीतर की शांति को पा सकते हैं।
मन को शांत करना ही ध्यान है।
2. प्रेम और स्वतंत्रता
ओशो के विचारों के अनुसार प्रेम में स्वतंत्रता का विशेष स्थान है। उनका कहना था की, प्रेम वही है जिसमें किसी प्रकार का बंधन न हो। प्रेम खुल्ले समाज में करने की चीज़ है, समाज ने इसे छुपा कर रखा है जो गलत है।
🌸 “प्रेम ही अंतिम मंज़िल है, बाकी पूरी ज़िंदगी तो बस उस तक पहुँचने का एक सफर है।”
🔥 “दर्द से बचने के लिए लोग सुख से भी दूर हो जाते हैं। मौत से डरकर लोग जीना ही भूल जाते हैं।”
Download Image3. जीवन का जश्न
ओशो ने कहा था की, जीवन खुल्ले में जीने की चीज़ है, हर पल के जो भी हो रहा हो उसे ऐसे जिए जैसे आखरी हो। जीवन में हर पल का जश्न मनाये और लोगों में प्यार बांटे।
🌌 “जब इंसान खुद से जुड़ जाता है, तब वो पूरे ब्रह्मांड का हिस्सा बन जाता है।”
🌻 “थोड़ी सी बेवकूफी ज़रूरी है जीवन को खुलकर जीने के लिए, और थोड़ी सी समझदारी गलतियों से बचने के लिए – बस इतना काफी है।”
FAQs
Q1: ओशो के सबसे प्रसिद्ध कोट्स कौन से है?
ओशो के कोट्स जैसे :- जीवन को जियो जैसे कि आखरी हो और प्रेम में पूरी छूट मिलनी चाहिए।
Q2: क्या ओशो के कोट्स केवल ध्यान के लिए है?
जी नहीं, ओशो के कोट्स प्रेम, जीवन, स्वतंत्रता और आत्मज्ञान जैसे कई पहलुओं को कवर करते है।
Q3: ओशो के कोट्स बच्चों को कैसे लाभ पहुंचा सकते है?
ओशो के विचार बच्चों को ध्यान के बारे में सिखाते है और आत्मनिर्भर बनाने में मदद करते है।








